नमस्कार दोस्तों!
धनतेरस का पर्व हर साल बहुत ही धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया जाता है। दीवाली उत्सव की शुरुआत भी इसी धनतेरस से होती है।
• शुभ मुहूर्त :-
हिंदू पंचांग के अनुसार, धनतेरस 2025, 18 अक्टूबर, शनिवार को मनाया जाएगा।धनतेरस पूजा मुहूर्त: 07:21 PM से 08:22 PM तक (लगभग 1 घंटा 1 मिनट)• धनतेरस का महत्व:-
जैसा कि आप सभी जानते हैं, धनतेरस के दिन घर में कुछ न कुछ लाना शुभ माना जाता है, लेकिन जाने-अनजाने कभी-कभी ऐसा सामान आ जाता है जो हमारे लिए परेशानी का कारण बन जाता है और जिसका हमें पता भी नहीं होता। धनतेरस (2025) के शुभ अवसर पर नुकीली चीजें जैसे चाकू, कैंची, कांच, चीनी मिट्टी, प्लास्टिक, लोहा, स्टील, एल्युमिनियम आदि वस्तुएँ नहीं खरीदनी चाहिए, क्योंकि इससे घर में दुर्भाग्य आ सकता है। इसके अलावा इस दिन काले और नीले वस्त्र, कंबल और तेल आदि का खरीदना भी अशुभ माना जाता है। जूते और चमड़े से बनी चीजें भी नहीं खरीदनी चाहिए, क्योंकि जूते शनि का प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए शनि से संबंधित कोई भी वस्तु खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। साथ ही इस दिन खाली मिट्टी के घड़े भी घर में नहीं लाने चाहिए।
यह पर्व हर वर्ष अश्विन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।यह दिन मुख्य रूप से स्वास्थ्य, धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए मनाया जाता है।यह पर्व धन्वंतरि भगवान (आयुर्वेद के देवता) और लक्ष्मी माता (धन और समृद्धि की देवी) की पूजा के लिए मनाया जाता है।
• क्यों मनाई जाती है धनतेरस :-
पुराणों के अनुसार भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के समय देवता और असुरों ने मिलकर अमृत कलश निकालने के लिए समुद्र मंथन किया। तभी इसी मंथन से भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए और उनके हाथ में अमृत कलश और औषधियाँ थीं, जिससे रोग और मृत्यु से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। जो आयुर्वेद और स्वास्थ्य के देवता माने जाते हैं। इसलिए धनतेरस के दिन उनकी पूजा कर स्वास्थ्य, लंबी उम्र और समृद्धि की कामना की जाती है।
• धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या न खरीदें:-
जैसा कि आप सभी जानते हैं, धनतेरस के दिन घर में कुछ न कुछ लाना शुभ माना जाता है, लेकिन जाने-अनजाने कभी-कभी ऐसा सामान आ जाता है जो हमारे लिए परेशानी का कारण बन जाता है और जिसका हमें पता भी नहीं होता। धनतेरस (2025) के शुभ अवसर पर नुकीली चीजें जैसे चाकू, कैंची, कांच, चीनी मिट्टी, प्लास्टिक, लोहा, स्टील, एल्युमिनियम आदि वस्तुएँ नहीं खरीदनी चाहिए, क्योंकि इससे घर में दुर्भाग्य आ सकता है। इसके अलावा इस दिन काले और नीले वस्त्र, कंबल और तेल आदि का खरीदना भी अशुभ माना जाता है। जूते और चमड़े से बनी चीजें भी नहीं खरीदनी चाहिए, क्योंकि जूते शनि का प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए शनि से संबंधित कोई भी वस्तु खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। साथ ही इस दिन खाली मिट्टी के घड़े भी घर में नहीं लाने चाहिए।
धनतेरस पर मुख्य रूप से सोना-चाँदी की वस्तुएँ खरीदी जाती हैं, जिन्हें माता लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन चाँदी का सिक्का लाना और झाड़ू खरीदना अत्यधिक शुभ माना जाता है। लोग इस अवसर पर बर्तन भी खरीदते हैं, क्योंकि बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा पीतल, तांबा या काँसे जैसी धातुओं से बनी वस्तुएँ भी खरीदी जा सकती हैं। धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ या नई मशीनें जैसे – टीवी, फ़्रिज, मोबाइल आदि खरीदना भी लाभदायक माना जाता है। इन वस्तुओं को खरीदने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि तथा बरकत आती है।
इस धनतेरस पर सही और शुभ वस्तुएँ खरीदकर न केवल माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें बल्कि अपने घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली का स्वागत भी करें।
आइए, इस धनतेरस पर हम सभी सही परंपराओं का पालन कर अपने जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भरें।
तो दोस्तों, आशा करती हूँ कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा।
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